
निरंतर दूरदर्शी नेतृत्व
दृष्टि, कार्य और समर्पण के माध्यम से सेवा। अटूट संकल्प के साथ भारत का मार्गदर्शन।
"मैं स्वयंसेवकों को दूसरों की जाति जानने की परवाह किए बिना पूर्ण समानता और भाईचारे के साथ आगे बढ़ते हुए देखकर आश्चर्यचकित हूं।"—पुणे शिविर में बाबासाहेब अम्बेडकर, मई 1939
"जब मैं संघ के शिविर में गया तो मैं आपके अनुशासन और अस्पृश्यता के पूर्ण अभाव से बहुत प्रभावित था।"—महात्मा गांधी संघ रैली, दिल्ली में (16.9.1947)
"यही वह जगह है जहाँ हम अपने सिर और दिल को पूरी तरह से संतुष्ट और ऊँचा महसूस करते हैं।"— यू. हिपशोन रॉय, खासी आदिवासी नेता
"संघ केवल एक मनुष्य की रचना नहीं है। सर्वशक्तिमान ईश्वर स्वयं इसे हमारी मातृभूमि की महिमा के लिए अस्तित्व में लाया है।"—स्वामी चिदभवानंद
"स्वदेशी सुरक्षा अभियान केवल एक आर्थिक आंदोलन नहीं है, बल्कि भारत की अखंडता की रक्षा के लिए एक कदम है।"— श्री चंद्रशेखर, पूर्व प्रधानमंत्री