राष्ट्र सेविका समिति

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ    30-Sep-2026
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वर्ष 1936 में श्रीमती लक्ष्मीबाई केलकर (मौसीजी) द्वारा स्थापित राष्ट्र सेविका समिति भारत में महिलाओं का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन है, जो सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, नारी सशक्तिकरण तथा हिंदुत्व-आधारित समाजसेवा के लिए समर्पित है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से प्रेरणा प्राप्त करने के बावजूद सेविका समिति स्वतंत्र रूप से कार्य करती है। समिति महिलाओं को समाज की सशक्त, संवेदनशील और आत्मनिर्भर आधारशिला के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखती है।
 
भारतीय नारीत्व के पारंपरिक आदर्श पर बल देते हुए राष्ट्र सेविका समिति शारीरिक प्रशिक्षण, योग और दंड अभ्यास के माध्यम से नेतृत्व, अनुशासन, आत्मविश्वास और सामर्थ्य का विकास करती है। इसकी मूल गतिविधि दैनिक शाखा है, जहाँ महिलाएँ एकत्र होकर व्यायाम, भजन, कथा-वाचन और राष्ट्रभक्ति से जुड़े संवादों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और मूल्यों से गहरा संबंध स्थापित करती हैं।
 
समिति ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्य करती है तथा साक्षरता अभियान, स्वास्थ्य शिविर, स्वावलंबन एवं स्वरोजगार प्रशिक्षण तथा राहत एवं सेवा कार्यों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुँचती है। समिति घरेलू हिंसा से प्रभावित महिलाओं को सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करने के साथ-साथ बालिका शिक्षा को भी प्रोत्साहित करती है।
 
भारत के विभिन्न हिस्सों तथा विदेशों में बसे भारतीय समुदायों के बीच सक्रिय यह संगठन महिला सशक्तिकरण का एक विशिष्ट भारतीय मॉडल प्रस्तुत करता है, जो परंपरा में निहित होने के साथ-साथ भविष्यदर्शी भी है। यद्यपि कुछ लोग इसे परंपरावादी दृष्टिकोण वाला संगठन मानते हैं, किन्तु अनेक लोगों के लिए यह शक्ति और संस्कार के सशक्त समन्वय का प्रतीक है। समिति ऐसी महिलाओं के निर्माण का प्रयास करती है जो गौरव, उद्देश्यबोध और भारत के प्रति गहन आत्मीयता के साथ नेतृत्व करने में सक्षम हों।